परिचय – परीक्षा फॉर्म न भरने की समस्या क्या है और यह संकट क्यों बना?
नमस्ते दोस्तों! बिहार बोर्ड की मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटर (कक्षा 12) वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर पूरे राज्य में एक बड़ा संकट पैदा हो गया था। हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में घबराहट थी क्योंकि कई स्कूलों ने समय पर परीक्षा आवेदन फॉर्म (Examination Form) या रजिस्ट्रेशन नहीं भरा था। इस वजह से छात्रों को डर था कि वे फरवरी 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
यह समस्या क्यों हुई? बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने परीक्षा फॉर्म भरने की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल और हेडमास्टर को दी है। स्कूल ऑनलाइन पोर्टल पर छात्रों का डेटा अपलोड करते हैं – नाम, जन्मतिथि, विषय, फोटो आदि। लेकिन कई स्कूलों में तकनीकी समस्या, इंटरनेट की कमी, प्रिंसिपल की लापरवाही या स्टाफ की कमी के कारण फॉर्म समय पर नहीं भरे गए। कुछ स्कूलों ने तो फीस भी समय पर जमा नहीं की।
नतीजा यह हुआ कि बोर्ड की वेबसाइट पर जब डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी हुआ, तो कई छात्रों का नाम ही नहीं था। अभिभावक स्कूल गए, लेकिन स्कूल वाले टालमटोल करते रहे। सोशल मीडिया पर #BiharBoardFormCrisis जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। न्यूज चैनल और अखबारों में खबरें छपीं कि लाखों छात्र परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि BSEB ने छात्रों की समस्या को गंभीरता से लिया और कई बार डेडलाइन बढ़ाई। अंतिम मौका 3 दिसंबर 2025 तक लेट फीस के साथ दिया गया। बोर्ड ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए कि सभी छात्रों का फॉर्म भरें, नहीं तो कार्रवाई होगी। अब फॉर्म सबमिशन स्टेटस रिपोर्ट और पेंडिंग लिस्ट जारी की गई है, ताकि स्कूल और छात्र चेक कर सकें कि किसका फॉर्म बाकी है।
यह संकट केवल 2026 का नहीं, हर साल कुछ हद तक होता है, लेकिन इस बार ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। बोर्ड ने कहा है कि कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित नहीं होगा। परीक्षा तिथियां पहले ही घोषित हैं – इंटर 2 फरवरी से 13 फरवरी, मैट्रिक 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026। इसलिए अभी समय है, घबराएं नहीं, लेकिन तुरंत एक्शन लें। इस लेख में मैं आपको हर छोटी-बड़ी बात विस्तार से बताऊंगा – समस्या क्या थी, बोर्ड ने क्या किया, लिस्ट कैसे चेक करें, छात्र क्या करें, हेल्पलाइन नंबर और बहुत कुछ। पढ़ते रहिए।
समस्या की जड़ – स्कूलों की लापरवाही और तकनीकी दिक्कतें
बिहार में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की संख्या हजारों में है। बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। स्कूल को बोर्ड के पोर्टल पर लॉगिन करके हर छात्र का डेटा अपलोड करना पड़ता है – रजिस्ट्रेशन, फॉर्म, फीस आदि।
समस्याएं:
- कई गांव के स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन कमजोर।
- प्रिंसिपल या क्लर्क को ऑनलाइन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं।
- फीस कलेक्शन में देरी।
- डमी रजिस्ट्रेशन में गलतियां (नाम, जन्मतिथि) और सुधार न करना।
- कुछ स्कूलों ने छात्रों से फीस ली लेकिन बोर्ड को जमा नहीं की।
इससे बोर्ड की रिपोर्ट में कई छात्र “पेंडिंग” दिखने लगे। अभिभावक जब स्कूल गए तो जवाब मिला “कल भर देंगे” या “सर्वर डाउन है”। इससे छात्रों का तनाव बढ़ा।
बोर्ड ने नोटिस जारी करके स्कूलों को चेतावनी दी और डेडलाइन बढ़ाई। अब पेंडिंग लिस्ट सार्वजनिक कर दी गई है ताकि पारदर्शिता रहे।
बोर्ड ने क्या कदम उठाए और अंतिम मौका कब तक?
BSEB ने छात्रों की हित में कई कदम उठाए:
- डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी किया और सुधार का मौका दिया।
- फॉर्म भरने की डेडलाइन कई बार बढ़ाई।
- लेट फीस के साथ अंतिम मौका 3 दिसंबर 2025 तक।
- स्कूलों को सर्कुलर भेजा कि सभी छात्रों का फॉर्म भरें।
- पेंडिंग रिपोर्ट जारी की।
- हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए।
अंतिम मौका के बाद कोई एक्सटेंशन नहीं होगा। इसलिए तुरंत एक्शन लें।
लिस्ट कैसे चेक करें और स्टेटस देखें?
लिस्ट चेक करने की प्रक्रिया:
स्कूल के लिए:
- secondary.biharboardonline.com (मैट्रिक) या seniorsecondary.biharboardonline.com (इंटर) खोलें।
- स्कूल लॉगिन करें।
- “Report” सेक्शन में “Dummy Registration Pending List” या “Form Submission Status” देखें।
- पेंडिंग छात्रों की लिस्ट डाउनलोड करें।
- तुरंत फॉर्म भरें।
छात्र के लिए:
- अपना नाम लिस्ट में है या नहीं, स्कूल से पूछें।
- डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करके चेक करें (स्कूल से)।
- अगर नाम नहीं है तो प्रिंसिपल से कहें।
छात्र और अभिभावक क्या करें?
- स्कूल जाएं और स्टेटस पूछें।
- अगर फॉर्म नहीं भरा तो लिखित शिकायत दें।
- DEO ऑफिस या बोर्ड हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
- हेल्पलाइन: मैट्रिक 0612-2232074, इंटर 0612-2230039।
- परीक्षा की तैयारी जारी रखें।
निष्कर्ष
यह संकट था लेकिन बोर्ड ने हल कर दिया। अंतिम मौका का फायदा उठाएं। सभी को शुभकामनाएं!