बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026: कॉपी मूल्यांकन शुरू, न्यूनतम अंक से कम वाले छात्र होंगे फेल – पूरी जानकारी और पासिंग क्राइटेरिया
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) वार्षिक परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 से सभी जिलों के निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों पर तेजी से चल रही है और 10 मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। बोर्ड ने मूल्यांकन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मूल्यांकन के दौरान छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने अनिवार्य हैं। यदि किसी विषय में न्यूनतम अंक नहीं आते तो छात्र उस विषय में फेल माना जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि थ्योरी पेपर में कम से कम 30% अंक आवश्यक हैं जबकि प्रैक्टिकल वाले विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल अलग-अलग पास करने पड़ते हैं। कुल मिलाकर प्रत्येक विषय में 33% अंक या उससे अधिक होने चाहिए।
मैट्रिक/इंटर/बोर्ड/परीक्षा से संबंधित मुख्य जानकारी
इंटर परीक्षा 2026 2 फरवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित हुई। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स और वोकेशनल स्ट्रीम के लगभग 13 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। प्रत्येक विषय में 100 अंक होते हैं जिसमें 70 अंक थ्योरी और 30 अंक प्रैक्टिकल/इंटरनल असेसमेंट के होते हैं।
परीक्षा में 50% प्रश्न ऑब्जेक्टिव (MCQ) आधारित थे। उत्तर कुंजी 28 फरवरी 2026 को जारी की गई और आपत्ति 6 मार्च 2026 शाम 5 बजे तक दर्ज की जा सकती है। मूल्यांकन दो स्तरों पर होता है – मुख्य परीक्षक और सह-परीक्षक। उसके बाद डेटा एंट्री और स्कैनिंग प्रक्रिया पूरी होती है। रिजल्ट मार्च अंत या अप्रैल प्रथम सप्ताह में संभावित है।
प्रवेश समय और नियम
मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों और स्टाफ को सुबह 9 बजे से पहुंचना अनिवार्य है। केंद्राधीक्षक समय प्रबंधन की जिम्मेदारी लेते हैं। मूल्यांकन Step-wise Marking System पर आधारित है। प्रत्येक सही चरण के लिए अनुपातिक अंक दिए जाते हैं। आंशिक सही उत्तर पर भी आंशिक अंक मिलते हैं।
कोई भी मूल्यांकनकर्ता बिना अनुमति कार्य नहीं छोड़ सकता। बोर्ड ने MPP (Marks Posting Personnel) की नियुक्ति की है जो अंकों को अवार्ड शीट और मार्क्स प्लेट पर दर्ज करता है।
देरी से आने पर क्या होगा
मूल्यांकन में यदि कोई देरी होती है तो बोर्ड समय बढ़ा सकता है लेकिन छात्रों के अंकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। यदि छात्र फेल होते हैं तो कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प मिलेगा।
परीक्षा तिथि और शेड्यूल
परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक चली। प्रैक्टिकल परीक्षाएं जनवरी 2026 में पूरी हुईं। मूल्यांकन 27 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक। मुजफ्फरपुर, पटना सहित कई जिलों में पहले दिन से ही कार्य शुरू हो गया।
पाली अनुसार समय
मूल्यांकन केंद्र सुबह 9 बजे से शाम तक संचालित होते हैं। प्रथम पाली सुबह 9 बजे से दोपहर तक और द्वितीय पाली दोपहर से शाम तक। केंद्राधीक्षक ब्रेक और कार्य विभाजन का प्रबंधन करते हैं।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
छात्र उत्तर कुंजी से OMR मिलान करें। यदि कोई प्रश्न गलत लगे तो objection.biharboardonline.com पर आपत्ति दर्ज करें। पासिंग मार्क्स की जानकारी रखें – थ्योरी में 21/70 और प्रैक्टिकल में 12/30। यदि कोई विषय में कम अंक की आशंका हो तो कंपार्टमेंट की तैयारी शुरू करें। रिजल्ट के लिए biharboardonline.bihar.gov.in चेक करते रहें।
अभिभावकों के लिए सूचना
अभिभावक बच्चों को मूल्यांकन प्रक्रिया के बारे में बताएं। न्यूनतम अंकों की आवश्यकता समझाएं। यदि फेल होने की स्थिति बने तो ग्रेस मार्क्स या कंपार्टमेंट के विकल्प पर चर्चा करें। बोर्ड हेल्पलाइन से संपर्क रखें। बच्चों को तनाव मुक्त रखें और सकारात्मक रहने की सलाह दें।
केंद्र पर क्या करना चाहिए
मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी जाती हैं। मुख्य परीक्षक पहले चेक करता है। सह-परीक्षक दोबारा जांच करता है। Step-wise अंक दिए जाते हैं। डेटा एंट्री तुरंत की जाती है। अंत में स्कैनिंग और वेरिफिकेशन होता है।
कौन सी चीजें प्रतिबंधित हैं
मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल फोन, नोट्स, कोई व्यक्तिगत सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं लाई जा सकती। केवल मूल्यांकन संबंधित दस्तावेज और अवार्ड शीट अनुमति हैं। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
बोर्ड की चेतावनी
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि मूल्यांकन में कोई पक्षपात या लापरवाही नहीं बरती जाएगी। यदि न्यूनतम अंक नहीं आते तो छात्र फेल घोषित होगा। ग्रेस मार्क्स केवल सीमित मामलों में मिलते हैं, जैसे दो विषयों में फेल होने पर। तीन या अधिक विषयों में फेल होने पर ग्रेस नहीं मिलता।
नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
प्रत्येक विषय में 30% से कम अंक पर फेल। प्रैक्टिकल वाले विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल अलग-अलग पास जरूरी। मूल्यांकन में गड़बड़ी पाए जाने पर शिक्षक/स्टाफ पर निलंबन और कानूनी कार्रवाई होगी। छात्र फेल होने पर कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकते हैं।
आधिकारिक नोटिस का सार
आधिकारिक नोटिस में बोर्ड ने मूल्यांकन 27 फरवरी से 10 मार्च तक बताया है। पासिंग क्राइटेरिया – थ्योरी में 30% (21/70), प्रैक्टिकल में 40% (12/30), कुल विषय में 33%। कम अंक पर फेल। Step-wise मार्किंग अनिवार्य।
किन छात्रों पर लागू
यह नियम इंटर 2026 के सभी नियमित, प्राइवेट, वोकेशनल और विशेष श्रेणी के छात्रों पर लागू है। सभी स्ट्रीम – आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स – के छात्रों को न्यूनतम अंक लाने होंगे। कोई अपवाद नहीं।
महत्वपूर्ण सलाह
छात्र मूल्यांकन पर भरोसा रखें। उत्तर कुंजी और आपत्ति प्रक्रिया का उपयोग करें। पासिंग मार्क्स सुनिश्चित करने के लिए पिछले पेपर देखें। यदि फेल होने की आशंका हो तो ग्रेस मार्क्स पॉलिसी समझें। अच्छे अंकों के लिए मेहनत जारी रखें। रिजल्ट की प्रतीक्षा में आधिकारिक अपडेट फॉलो करें।
IMPORTANT LINK
| क्रमांक | विवरण | लिंक |
|---|---|---|
| 1 | आधिकारिक वेबसाइट | biharboardonline.bihar.gov.in |
| 2 | उत्तर कुंजी और आपत्ति पोर्टल | objection.biharboardonline.com |
| 3 | इंटर रिजल्ट (बाद में) | interresult.biharboardonline.com |
| 4 | नोटिस और अपडेट | biharboardonline.bihar.gov.in/notices |
| 5 | हेल्पलाइन | आधिकारिक साइट पर उपलब्ध |
निष्कर्ष
बिहार बोर्ड इंटर 2026 का मूल्यांकन कार्य तेजी से चल रहा है। छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 30-33% अंक लाने होंगे अन्यथा फेल घोषित किया जाएगा। बोर्ड निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित कर रहा है। सभी छात्र अच्छे अंकों की उम्मीद रखें, नियमों का पालन करें और आधिकारिक अपडेट फॉलो करें। बोर्ड सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देता है।